
रिपोर्ट – अनिल शुक्ला ब्यूरो बस्ती
40 मजदूरों की फर्जी फोटो अपलोड पटल पर गरीबी मिटाने को आतुर प्रधान व सचिव
भूखें भेड़िए कार्ड धारकों को गुमराहकरके मनरेगा योजना की उड़ाई धज्जियां
पटल पर कार्ड धारको की दर्ज फर्जी उपस्थिति भुगतान का बनाया जरिया
जुबेर के खेत से आइला ताल तक चक बंध निर्माण कार्य
विकासखंड गौर ग्राम पंचायत मझौआ दूधनाथ में चक बंध पटाई के नाम 40 मजदूरों की लगी फर्जी हाजरी से जुड़ा मामला
बस्ती। बस्ती जिले केविकास खंड गौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौआ दूधनाथ में फर्जी हाजिरी का मस्टर रोल पूर्ण हो गया है ।मनरेगा योजना के तहत कराए गए चक रोड़ पटाई व चकबंध निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है।आरोप है कि चक रोड पटाई के नाम पर फर्जी हाजिरी लगाई गई है । वही धरातल पर मजदूरों का कोई अस्तित्व नहीं है । भूखें भेड़िए कार्ड धारकों को गुमराह करके मनरेगा योजना की धज्जियां उड़ाकर कागज के पन्नों पर जाब कार्ड धारकों की फर्जी हाजिरी लगा कर सरकारी धन हड़पने का रास्ता अख्तियार कर लिए हैं ।

प्रधान सरकारी धन हड़पने में कोई को कसर नहीं छोड़ा है ।मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मझौआ दूधनाथ में 40 मजदूरों की फर्जी हाजिरी का मस्टर रोल पूर्ण हो गया है । वही वीडिओ के संरक्षण में सचिव व प्रधान की आपसी साठगांठ से जाब धारको को काम से वंचित कर कागज़ों में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है ।ग्रामीणों का आरोप है कि जुबेर के खेत से आइला ताल तक चकबंध पटाई के नाम पर कुछ दिन चकरोड़ छिलाई का कार्य किया गया था ।बताया कि गांव में कहां काम होता है और कब काम होता है यह हम लोगों को नहीं मालूम होता है ।इसके बावजूद मनरेगा पटल पर फर्जी तस्वीरों के सहारे काम दिखाए जा रहा था ।मामले में सचिव व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है ।बड़ा सवाल यह है कि रिश्वतखोर वीडिओ के के सिंह जाब कार्ड धारकों के नाम लगी फर्जी हाजिरी का भुगतान रोकते हैं या फिर अपना कमीशन बढ़ा करके भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण करते हैं ।
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