
रिपोर्ट- अनिल शुक्ला ब्यूरो बस्ती
नहर की पटरी सफाई कार्य /यू भूमि सुधार के नाम पर लाखों रुपये से अधिक की हुई फर्जी MB – सूत्र-सचिव , टीए व मनरेगा APO ने मुंह मांगा कमीशन लेकर फर्जी मस्टर रोल को भुगतान के लिए किया प्रमाणित – सूत्र
रोजगार सेवक नन्द किशोर ने फर्जी फोटो के सहारे आनलाइन मस्टर रोल किया था पूर्ण जबकि हकीकत में पटरी का काम हुआ ही नहीं
बस्ती। जिले के विकासखंड हरैया में पैसा फेंको तमाशा देखो की पुरानी कहावत चरितार्थ हो रही है । ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में ग्राम प्रधान राज शर्मा ने पुरानी कहावत को चरितार्थ कर दिया है । ग्राम प्रधान राज शर्मा ने मुंह मांगा कमीशन देकर सचिव , तकनीकी सहायक (जे ई ) , मनरेगा APO को मनरेगा कार्य के नाम पर आनलाइन पूर्ण फर्जी मस्टर रोल के फर्जी भुगतान के लिए लाचार कर दिया था जिससे लाचार तकनीकी सहायक / जे ई ने लाखों रुपए का फर्जी MB कर दिया है और सचिव एवं मनरेगा APO ने फर्जी MB किए गए कार्य के फाइल को प्रमाणित करके भुगतान के लिए भेज दिया है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में दो मनरेगा कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान राज शर्मा ने आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया था जिस पर पुराने गर्मी के महीने के फर्जी फोटो को अपलोड करके ऑनलाइन मस्टर रोल को रोजगार सेवक नन्द किशोर ने पूर्ण किया था ।

मीडिया टीम ने ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में चल मनरेगा कार्यों का धरातलीय पड़ताल किया था । मीडिया टीम के धरातलीय में खुलासा हुआ था कि मनरेगा कार्यों के नाम पर जारी आनलाइन फर्जी मस्टर रोल पूरी तरह से फर्जी है तब ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र के मनरेगा भ्रष्टाचार की खबर प्रमुखता से अनेक सम्मानित समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी लेकिन विकास खण्ड हरैया के जिम्मेदार सचिव, टीए व मनरेगा APO ने मनरेगा भ्रष्टाचार की प्रकाशित खबर को नजर अंदाज करते हुए भुगतान के लिए सारी प्रक्रिया पूर्ण करने में सहयोग किया सभी के सहयोग से फर्जी भुगतान हेतु पूर्ण फर्जी मस्टर रोल ऑनलाइन फीड हो गया है ।
ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में भुगतान के लिए आनलाइन फीड मस्टर रोल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है कि नहर की पटरी सफाई कार्य पर कोई मिट्टी पटाई कार्य हुआ ही नहीं हुआ है और न ही वर्तमान समय में कोई मिट्टी पटरी सफाई कार्य हुई है तब कैसे दो मनरेगा कार्यों के नाम पर 02 लाख रुपये से अधिक के भुगतान के लिए मस्टर रोल आनलाइन फीड हुआ है । इस प्रकार स्पष्ट है कि जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं रहता है मात्र उनको अपने कमीशन से मतलब रहता है । अब देखना यह है कि खंड विकास अधिकारी हरैया विनय कुमार द्विवेदी ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र के भुगतान को रोक पाते हैं या नही ? इस सम्बंध तकनीकी सहायक / जेई से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो टी ए ने फोन रिसीव नहीं किया । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है ।
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