बलिया जनपद के रसड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा गढ़िया में डी.एस. पब्लिक कॉन्वेंट स्कूल बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है। यह मामला शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन आवश्यक विभागीय अनुमति और मान्यता के बिना ही बच्चों का प्रवेश ले रहा है और उनसे फीस वसूल रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि विद्यालय के पास प्राथमिक अथवा उच्च प्राथमिक स्तर की कोई मान्यता नहीं है, फिर भी नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के नियमों का उल्लंघन कर यह विद्यालय चलाया जा रहा है। बिना मान्यता के स्कूल का संचालन सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनके प्रमाण पत्रों और आगे की पढ़ाई पर संकट आ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, स्कूल प्रशासन अभिभावकों को विद्यालय की वास्तविक स्थिति और मान्यता संबंधी जानकारी नहीं दे रहा है। इससे अभिभावक अंधेरे में हैं और उनके बच्चों का भविष्य अनिश्चितता में है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्कूल एक प्राथमिक विद्यालय के ठीक सामने संचालित हो रहा है। इसके बावजूद, शिक्षा विभाग के अधिकारी अब तक इस मामले से अनभिज्ञता जता रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह विद्यालय शिक्षा विभाग की नजर से कैसे बचा रहा।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है और वे इसकी जांच करवाएंगे। वहीं, स्कूल प्रबंधक ने स्वीकार किया कि विद्यालय का केवल रजिस्ट्रेशन है, मान्यता नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल किसी दूसरे विद्यालय से ‘अटैच’ होकर संचालित किया जा रहा है।
अधिकारियों के सामने पूरा मामला आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस अवैध रूप से संचालित विद्यालय पर कोई कार्रवाई की जाती है, या बच्चों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ जारी रहेगा।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
किसी भी निजी विद्यालय में बच्चों का दाखिला कराने से पहले उसकी मान्यता और U-DISE कोड की जांच अवश्य करें। बिना मान्यता वाले विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भविष्य में बोर्ड परीक्षा और प्रमाणपत्र संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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